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Wednesday, June 29, 2011

छोटा शकील के तीन गुर्गे हत्थे चढ़े


जागरण समूह के अंग्रेजी अखबार मिड डे के वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के मामले में बुधवार को मुंबई पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। तीनों का संबंध छोटा शकील गिरोह से बताया जा रहा है। शकील को माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ कहा जाता है। हालांकि कोई पुलिस अधिकारी या नेता इस मामले में खुलकर बयान नहीं दे रहा है, लेकिन पुलिस सूत्र इन तीनों की हिरासत में अपनी बड़ी सफलता देख रहे हैं। शुरुआती जांच में जे डे की हत्या के पीछे एक चंदन तस्कर का हाथ बताया जा रहा है। बीते शनिवार को जे डे की मुंबई के पवई इलाके में दिनदहाड़े नृशंस हत्या कर दी गई थी। घटना के पांचवे दिन पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को मुंबई से एवं एक को पुणे से हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए तीन लोगों के नाम इकबाल हटेला उर्फ नदीम, मतीन एवं अनवर शेख हैं। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीमें इन तीनों से अभी पूछताछ कर रही हैं। माना जा रहा है कि इनसे कुछ ठोस जानकारी हासिल होने के बाद पुलिस गुरुवार को इनकी औपचारिक गिरफ्तारी घोषित करेगी। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि वह जल्दबाजी में कोई घोषणा नहीं करना चाहते। पुलिस सूत्रों के अनुसार छोटा शकील के उक्त शूटरों ने एक चंदन तस्कर से सुपारी लेकर जे डे की हत्या की है। क्योंकि जे डे उक्त चंदन तस्कर के बारे में कोई स्टोरी लिखना चाह रहे थे। पता चला है कि दुबई में रहा जाफर कासिम नामक उक्त चंदन तस्कर छोटा शकील का व्यावसायिक साझेदार है। उसके बारे में जे डे को कोई सूचना उनके एक खबरी के जरिए लगी थी। जे डे इस सूचना के आधार पर ही खबर लिखने की तैयारी कर रहे थे। पता चला है कि पहले कासिम ने किसी मध्यस्थ के जरिए जे डे को एक बड़ी रकम देकर फुसलाना चाहा। लेकिन जे डे द्वारा रकम लेकर चुप बैठ जाने से इंकार करने पर उसने उनकी हत्या करवा दी। सीबीआइ जांच हो : गडकरी नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो : मिड डे के पत्रकार जे डे की हत्या की गुत्थी सुलझाने में मुंबई पुलिस की नाकामी पर गहरी चिंता जताते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण को एक पत्र लिखकर गडकरी ने कहा है कि इस मामले में पुलिस के कुछ अधिकारियों के शामिल होने की भी खबरें आ रही है। ऐसे में स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच के लिए जांच सीबीआइ को सौंपे जाने की सख्त जरूरत है। भाजपा अध्यक्ष ने हत्या के पांच दिन बीत जाने के बाद भी मामले में कोई प्रगति न होने पर कहा कि इस मामले में देश व विदेश में सक्रिय अपराध सरगनाओं के हाथ होने की आशंकाओं की जांच भी जरूरी है। उन्होंने इस बात की आशंका जाहिर की कि इस घटना के पीछे आतंकी तत्व भी हो सकते हैं.